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पल पल दिल के पास तुम रहती हो
Posted by
kiya lo 15dastak
Friday, April 10, 2009
पल पल दिल के पास, तुम रहती हो. पल पल दिल के पास, तुम रहती हो. जीवन मीठी प्यास, ये कहती हो, पल पल दिल के पास, तुम रहती हो. हर शाम आँखों पर, तेरा आँचल लहराए हर रात यादों की, बारात ले आए. मैं साँस लेता हूँ, तेरी खुशबू आती है, एक महका महका सा, पैगाम लाती है. मेरे दिल की धड़कन भी, तेरे गीत गाती है. पल पल दिल के पास, तुम रहती हो. कल तुझको देखा था, मैंने अपने आँगन में. जैसे कह रही थी तुम, मुझे बाँध लो बँधन में. ये कैसा रिश्ता है, ये कैसे सपने हैं. बेगाने हो कर भी, क्यूँ लगते अपने हैं. मैं सोच में रहता हूँ, डर डर के कहता हूँ. पल पल दिल के पास, तुम रहती हो. तुम सोचोगी क्यूँ इतना, मैं तुमसे प्यार करूँ. तुम समझोगी दीवाना, मैं भी इक़रार करूँ. दीवानों की ये बातें, दीवाने जानते हैं. जलने में क्या मज़ा है, परवाने जानते हैं. तुम यूँ ही जलाते रहना, आ आ कर ख़्वाबों में. पल पल दिल के पास, तुम रहती हो. जीवन मीठी प्यास, ये कहती हो. पल पल दिल के पास, तुम रहती हो
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